एक समय केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों को खुली चुनौती देने वाले तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी इन दिनों लगातार जांच एजेंसियों के घेरे में हैं। पश्चिम बंगाल सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) अलग-अलग मामलों में उनसे लंबी पूछताछ कर रहे हैं। सोमवार को प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में ईडी ने उनसे करीब छह घंटे तक सवाल-जवाब किए, जबकि इससे पहले भी इसी मामले में उनसे 11 घंटे की पूछताछ हो चुकी है। एजेंसी ने इस मामले में दो दर्जन से अधिक सवाल तैयार किए हैं और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है।
वहीं, फर्जी हस्ताक्षर मामले में रविवार को सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी से लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की थी। इस दौरान टीएमसी नेता और विधायक कुणाल घोष को भी तलब किया गया और दोनों से आमने-सामने बैठाकर सवाल किए गए। जांच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़े दस्तावेजों में कथित हस्ताक्षर विसंगतियों को लेकर की जा रही है।
इसके अलावा, चुनाव प्रचार के दौरान कथित भड़काऊ बयान देने के मामले में भी सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने पिछले सप्ताह उनके आवास पर जाकर नोटिस देने की कोशिश की थी, लेकिन मुलाकात नहीं होने पर इसे उनके कार्यालय के एक कर्मचारी को सौंपना पड़ा। इसी मामले में मंगलवार को उन्हें एक बार फिर सीआईडी के सामने पेश होना है।
लगातार हो रही पूछताछ और विभिन्न मामलों में बढ़ती जांच के बीच अभिषेक बनर्जी पर राजनीतिक और कानूनी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
CID और ED के चक्रव्यूह में फंसे अभिषेक बनर्जी, कई घंटों से जारी सवाल-जवाब...
Source: First Ground