पश्चिम बंगाल सरकार ने सार्वजनिक और औद्योगिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ऐलान किया है कि दंगे, हिंसक प्रदर्शन या किसी भी तरह की तोड़फोड़ में शामिल लोगों से हुए नुकसान की वास्तविक लागत से तीन गुना तक राशि वसूली जाएगी। यदि दोषी तय समय पर यह राशि जमा नहीं करता है, तो उसकी संपत्ति नीलाम कर नुकसान की भरपाई की जाएगी।
भवानीपुर में नागरिक समाज और व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है, लेकिन हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक या औद्योगिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई जबरन किसी औद्योगिक इकाई को बंद कराने या वहां तोड़फोड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ जेल और भारी आर्थिक जुर्माने का भी सामना करना पड़ेगा।
सरकार ने हाल ही में विधानसभा में कानून-व्यवस्था से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए हैं। पहला, **वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) एक्ट**, जिसके तहत दंगों, हिंसक प्रदर्शनों और अवैध भीड़ के दौरान सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को आर्थिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। वहीं दूसरा, **वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल**, गंभीर मामलों में एहतियातन 12 महीने तक हिरासत में रखने का प्रावधान करता है।
राज्य सरकार का कहना है कि इन नए कानूनों का उद्देश्य सार्वजनिक और औद्योगिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, तोड़फोड़ की घटनाओं पर रोक लगाना और निवेशकों का भरोसा मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि सख्त जवाबदेही तय होने से कानून-व्यवस्था बेहतर होगी और राज्य में निवेश के लिए अधिक सुरक्षित माहौल तैयार होगा।
उपद्रवियों के खिलाफ बंगाल सरकार का बड़ा कदम, अब नुकसान का तीन गुना भरना होगा
Source: First Ground